गवाहों से राफ़ता रखना

फिर अदालत में उनकी पेशी है
तुम गवाहों से राफ़ता रखना

वो ग़ुनाहों की क़ब्र खोदेंगे
तुम निगाहों पे निगहबाँ रखना

ये सियासत है इसमें तब आना
जब उसूलों को अलविदा कहना

कुछ हवाओं ने मंत्र फूँका है
हुक्मरानो को ही ख़ुदा कहना

हार मानेगे परखने वाले
अपने सोने को बस खरा रखना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *